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मणिपुर में मनाये जाने वाले त्योहार - Manipur Festival Name In Hindi


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photo wikimedia.org

मणिपुर राज्य अपने सांस्कृतिक विरासतो और उत्सवों के लिए जाना जाता है। यहां पर हिन्दू त्यौहार और उनकी  परम्पराओ को आज भी देख सकते है।

मणिपुर के त्योहार अपने पारम्परिक नृत्य संगीत और वेशभूषा के लिए जाना जाता है। यह अपने उत्सव को जीवित रखने और उन परम्पराओ का पालन आज भी करता है। मणिपुर में कई तरह के धर्म और समुदाय मौजूद है। जिनके अपने उत्सव है। 

मणिपुर अपने पारम्परिक उत्सव के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इनके त्योहारों में इनके नृत्य और परम्पराओ की झलक मिलती है।

मणिपुर में मनाये जाने वाले त्योहारों में पौराणिक और सांस्कृतिक समावेश होता है। जो एक प्राचीन सांस्कृतिक मणिपुर को दर्शाता है। इस लेख में जानेंगे, मणिपुर के प्रमुख त्योहारों या उत्सवों के बारे में। तो आइये देखते है Which festival are celebrated in manipur कौन से त्योहार मणिपुर में मनाये जाते है।

◾निगोल चाकौबा 

◾चेईराओबा 

◾याओसांग 

◾कांग त्योहार 

◾हेंगकू हिण्डोगबा

 ◾कूट त्योहार 

◾ लाई हराओबा 

◾संगाई महोत्सव 

◾चंफा त्योहार 

◾लुई लगाई नी 

◾गंग नगाई 

निगोल चाकौबा -

यह एक सामाजिक त्योहार है। इसको नवंबर महीने में मनाया जाता है। मेइटिस का यह सामाजिक पर्व है। इस त्यौहार में नव विवाहित महिलाओं और उनके परिवार वालों को बुलाया जाता है।

जहां एक दूसरे से मिलते है। इस दौरान एक भोज का आयोजन भी किया जाता है। जिसमे एक साथ मिलकर सभी लोग भोज का आनंद लेते है। यह आपसी सम्बन्ध और परिवार के बंधन को मजबूत करने वाला पर्व है। 

नवंबर में मनाया जाता है। 

चेईराओबा -

यह त्योहार मणिपुर के नये साल पर मनाया जाता है। यह चंद्र माह साजिबु के पहले दिवस पर मनाया जाता है। यह मार्च और अप्रैल महीने में पड़ता है। लोग अपने घरों की सफाई करते है।

उनको अच्छी तरह सजाते है और तरह-तरह के लजीज व्यंजन बनाते है। एक दूसरे के साथ लजीज व्यंजन का आनंद लेते है और खुशियां बाटते है। इससे पारिवारिक सम्बन्ध भी मजबूत होते है।

 मार्च और अप्रैल के समय में मनाया जाता है।

याओसांग - (होली ) -

याओसांग मणिपुर का एक प्रमुख पर्व है। यह होली त्यौहार से बिल्कुल मिलता जुलता है। यह त्योहार आपसी भाई चारे, स्नेह का प्रतिक है। जैसे होली में धुलंडी होती है।

इस पर्व में उसी को पिचकारी कहते है। इसमें नदी या तालाब के किनारे झोपड़ी बनायीं जाती है। जिसमे कम उम्र के बच्चे अगल बगल के घरो से फालतू सामान लेकर आते है। फिर झोपड़ी को जलाया जाता है। 

फरवरी या मार्चा महीने यानि फाल्गुन के समय मनाया जाता है।  

कांग त्योहार -

कांग महोत्सव मणिपुर का स्थानीय पर्व है। इसमें रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। यह गोविन्द जी के मंदिर में होता है। यह उत्सव 10 दिन तक मनाया जाता है। यह मणिपुर के प्रमुख त्यौहारों में एक है। 

इसमें भगवान जगरनाथ और सुभद्रा का पूजा किया जाता है। इसमें श्रद्धालु भजन कीर्तन करते है। और शाम के समय सामूहिक भोज का आयोजन किया जाता है। जिसमे भक्त लोग प्रसाद ग्रहण करते है। 

 जून और जुलाई महीने में मनाया जाता है। 

हेंगकू हिन्डोगबा -

हेंगकू हिन्डोगबा एक प्रमुख पर्व है। वह के एक स्थानीय नहर में  नाव दौड़ का आयोजन किया जाता है। पहले से नाव को अच्छी तरह साफ कर लिया जाता है। और उसको मालाओं और फूलों से सजाया सजाया जाता है। और मंत्रो उच्चारण से उसको पवित्र किया जाता है।

नहरे अगल बगल टेंट लगाए जाते है ताकि श्रद्धालु उत्सव का आनंद ले सके। राज्य के कोने कोने से युवा आते है और नौका दौड़ में भाग लेते है। 

विष्णु भगवन मूर्ति रखी जाती है। जो इस उत्सव की निगरानी करते है। ऐसी मान्यता है। 

 14 नवंबर को मनाया जाता है। 

कूट त्योहार -

मणिपुर के प्रमुख फेस्टिवल में कूट भी है। कुकी चीन मिजो जन जाति द्वारा मनाया जाता है। यह पर्व आपसी सद्भावना और प्रेम को मजबूत करता है। यह फसल त्योहार है।

जो अन्न भंडार होने के बाद मनाया जाता है। इसमें संगीत नृत्य के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिसमे देवताओं की पूजा की जाती है और उनको धन्यवाद दिया जाता है। 

 1 नवंबर को मनाया जाता है। 

 लाई हराओबा  -

लाई हरोबा मणिपुर का स्थानीय अनुष्ठान पर्व है। जो वहा के स्थानीय मेटि समुदाय द्वारा मनाया जाता है। इसमें नृत्य, गीत और संगीत, मौखिक का कार्य क्रम के माध्यम से मनाया जाता है।

इसमें पूर्वजों को याद किया जाता है। इस पर्व की शुरुआत प्राचीन काल से अगरतला में हुआ था। इस कार्य क्रम को पांच दिन तक मनाते है। यह त्यौहार मणिपुर के सम्वृद्ध स्थानीय संस्कृति को भी दर्शाता है। 

 मई में मनाया जाता है। 

संगाई महोत्सव -

संगाई महोत्सव का हर साल आयोजन किया जाता है। यह मणिपुर पर्यटन विभाग के तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। मणिपुर अपने संवृद्ध संस्कृति और और स्थानीय पहनावे की वजह खास पहचान बनाता है। 

इस महोत्सव के माध्यम से मणिपुर अपने नृत्य, संगीत, पहनावा से दुनियां में अपनी पहचान बनाना चाहता है। ताकि मणिपुर में पर्यटन को बढ़ावा मिले। पहले इसका नाम मणिपुर महोत्सव था। लेकिन 2010 में इसका यह के प्रमुख पशु हिरण के नाम पर संगाई रख दिया गया। 

 चंफा त्यौहार - 

चंफा महोत्सव मणिपुर का एक प्रमुख फसल त्यौहार है। यह तंगखाला नागा जनजाती द्वारा मनाया जाता है। मणिपुर के अलग-अलग जनजातियों द्वारा मनाये जाने वाले प्रमुख पर्वो में से एक है। इस त्योहार में ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते है और धन्यवाद दिया जाता है।

इसके अलावा लोग एक दूसरे के साथ खुशिया बाटते है। जिसमे महिलाये अपने पारम्परिक वेशभूषा में नृत्य और संगीत का आयोजन करती है।

हर साल 13 से 15 दिसम्बर तक मनाया जाता है। 

लुइ लगाई नी -

लुइ लगाई नी तीनो अलग अलग शब्द नागा भाषाओं से निकला है। तीनो का अर्थ बीज बोना है। यह नागा जनजातियों के द्वारा मनाया जाता है।

यह मणिपुर के स्थानीय लोगों में बहुत प्रचलित है। इसमें स्थानीय परिधान पहनकर स्थान नृत्य और संगीत का आयोजन किया जाता है। और ईश्वर की आह्वान किया जाता है। 

14 और 15 फरवरी को हर साल मनाया जाता है। 

गंग नागाई -

यह त्योहार मणिपुर में बहुत ही प्रचलित है। गंग नगाई त्यौहार मणिपुर के कबुई नागा आदिवासियों द्वारा मनाये जाने वाला महत्व पूर्ण त्यौहार है। इसमें अपने पूर्वजों को याद किया जाता है। यह चार दिनों तक मनाया जाता है। इसमें पारम्परिक पहनावेँ और वेशभूषा के साथ नृत्य और संगीत प्रस्तुत करते है।

जिसमे जनजातियों द्वारा पुराने वाद्य यंत्रों का समावेश है। इसके साथ दावतों का आनंद लेते है। और एक दूसरे स्नेह बाटते है। 

दिसंबर और जनवरी के महीने में मनाया जाता है।

आखिर में -

मणिपुर में मनाये जाने वाले त्यौहार वहां के पुराने संस्कृति, पहनावा, नृत्य और संगीत को दर्शाता है। यहाँ पर सभी समुदाय के लोग अपने जीवंत संस्कृति को मजबूती से बनाये रखे हुए है। इस लेख के माध्यम से मणिपुर के त्योहारों के नाम (Manipur festival name in hindi) की जानकारी दी गयी है। और इसके महत्व को भी बताया गया है। 

अगर आप कोई राय देना चाहते है। तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताए। 

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कुछ सवाल - 

Question - मणिपुर का फसल त्योहार क्या है ?

Ans -         कूट और चंफा

question - मणिपुर का नया साल त्योहार क्या है ? 

Ans -  साजिबु नोंगमा जिसको की मेटि चेरा अओबा (meetei cheiraoba) भी कहते है। इसको नये साल के रूप में मनाया जाता है। जोकि अंग्रेजी के अप्रैल महीने में पड़ता है। 

Question - संगाई त्योहार क्यों मनाया जाता है ? 

Ans -  संगाई त्योहार मणिपुर के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मणिपुर पर्यटन विभाग द्वारा मनाया जाता है। 

Question - भारत के किस राज्य में संगाई का त्योहार मनाया जाता है ?

Ans -  मणिपुर 

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