वृक्षासन करने के लाभ, विधि और सावधानिया, Steps And Benefits Of Vrikshasana In Hindi, Precaution


वृक्षासन करने के लाभ, विधि और सावधानिया, Steps And Benefits Of Vrikshasana In Hindi, Precaution
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यह आसन बहुत ही ज्यादा पॉपुलर है इसको कोई भी थोड़ा ध्यान दे तो आसानी कर सकता है। तो आज हम बात करेंगे, वृक्ष आसन के फायदे और वृक्षासन (Tree Pose) करने के तरीके, Vrikshana In Hindi, benefits of Vrikshnasa In Hindi के बारे में, यह आसन हमें मानसिक शांति देता है और हमारे अंदर ऊर्जा का संचार करता है।प्राचीन काल से ही ऋषि मुनी तपस्या के लिए इसी योगासन को किया करते थे। यह हमें दृठ निश्चयी बनाता है। इसलिए इस आसन को हमें प्रतिदिन करना चाहिए।   


 वृक्षासन क्या है ? What Is Vrikshasan In Hindi -


जैसे कि इस योगासन का नाम ही है वृक्षासन, यानि वृक्ष और आसन का मतलब मुद्रा, वृक्ष की मुद्रा में रहना है। यह आसन हमें संतुलन को सही बनाये रखने का अभ्यास कराता है और मन को शांति देता है, इसलिए इसको हमें करना चाहिए तो आइये जानते कि, इसे कैसे करे, How to perform vrikshasana in hindi और कैसे इसके लाभ परिचित हो। 

 वृक्षासन कैसे करे, वृक्षासन करने की विधि, Vrikshsana Steps In Hindi -


सबसे पहले खुद को relax महसूस करे और खुद को तैयार करे। 
अब बिल्कुल सीधा खड़े हो जाये और आपकी नजर सामने की तरफ होनी चाहिए, आपके दोनों हाथ कमर की तरफ बिल्कुल सीधा निचे की तरफ होना चाहिए। 
अपने बाये पैर के पंजे को को दाहिने पैर के जंघे यानि ऊपरी हिस्से पर रखे। 
हल्की साँस लेते हुए, दोनों हाथो को ऊपर की तरफ उठायेयानि आकाश की तरफ।  
दोनों हाथो के हथेलिय एक दूसरे से चपकी होनी चाहिए। 
आप की अंगुलिया सीधी और ऊपर की ओर यानि आकाश की तरफ नमस्कार की मुद्रा में होनी चाहिए। 
फिर कुछ देर तक इसी मुद्रा में रहे है। और हल्की-हल्की साँस लेते रहे। 
अब आप पुनः प्रारंभिक अवस्था में आ सकते है। 
यह क्रिया दूसरे पैर पर भी कर सकते है। 

वृक्षासन के लाभ | Vrikshasan ke fayde | benefits of vrikshasan in hindi -


वृक्षासन करने से बहुत सारे शारीरिक लाभ मिलते है, तो आइये जानते है, इसके लाभ के बारे में। 

वृक्षासन करने से मन को शांति और संवृद्धि मिलती है। 
यह आसन पैर को मजबूती प्रदान करता है। 
इससे हमारे कंधे और बाजुओं में तागत आती है। 
वृक्षासन का सबसे ज्यादा लाभ एकाग्रता बढ़ाने में मिलता है। 
यह आसन मुख्यतः शरीर के बैलेंस को सही बनाने के लिया किया जाता है। 
इस आसन से शरीर की नसे अच्छे से कार्य करने लगाती है। 
यह योगासन फेफड़े और प्राणवायु के लिए भी फायदेमंद है। 
    

वृक्षासन में ध्यान देने वाली बाते | Vrikshasan Me Savdhaniya | Precaution -


कमर न और पैर दर्द की समस्या हो तो वृक्षासन न करे। 
कंधो में दर्द की समस्या हो तो वृक्षासन न करे। 
अगर आपको उच्च रक्त चाप की समस्या समस्या हो तो इस योग को नहीं करना चाहिए। 
इसके आलावा चक्कर आता हो तो वृक्षासन न करे। 
वृक्षासन करते समय किसी प्रकार की असहजता महसूस हो तो इसे नहीं करना चाहिए। 

अगर आप चाहे तो वृक्षासन का अभ्यास करने से पहले किसी प्रशिक्षित योगाचार्य से सलाह ले सकते है। 

मेरे प्यारे मित्रो आपको यह लेख सही लगा, मुझे नहीं पता, सही लगा कि नहीं, लेकिन अगर सही लगा हो तो कमेंट और शेयर जरूर करिये।   धन्यवाद।    

    
  



     

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