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हस्त उत्तासन के फायदे और तरीके, step and benefits of hastottanasana yoga in hindi


हस्त उत्तासन के फायदे और तरीके, step and benefits of hastottanasana yoga in hindi
Photo by Alexy Almond from Pexels

आज हम लोग बात करेंगे हस्त उत्तानासन के बारे में।  यह आसन हमें अंदर से सुख, स्वास्थ और सम्बृद्धि देता है। योगासन को प्राचीन काल से ही बहुत महत्व दिया गया है। पहले लोग आज की तुलना में ज्यादा स्वस्थ और लंबी आयु जीते थे। जो लोग योग को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाते है, वे लोग निरोगी जीवन जीते है। तो आइये जानते है,  हस्त उत्तासन के फायदे, hastottasana benefits in hindi और हस्त उत्तानासन के विधि के बारे में लेकिन सबसे पहले जानते है। कि हस्त उत्तानासन किसे कहते है। 

हस्त उत्तानासन क्या है, What Is Hastottanasana In Hindi -

जैसे की नाम से ही प्रतीत हो रहा है, हस्त का मतलब 'हाथ' होता है और उत्तान का मतलब 'ऊपर' की ओर उठाना, आसन का मतलब मुद्रा होता है। इसका मतलब हाथ ऊपर की ओर उठाते हुए मुद्रा में जो आसन हो, उसे हस्त उत्तानासन कहते है।

इस आसान को करने से मन शांत रहता है। एकाग्रता में वृद्धि  होती है, और मस्तिष्क प्रसन्न चित रहता है। यह आसन आप प्रतिदिन कर सकते है। इसके बहुत सारे लाभ है तो आइये जानते है कि हस्त उत्तानासन को कैसे करे। How to perform hatottanasana yoga in hindi, हस्त उत्तानासन अभ्यास करने के तरीके के बारे में। 

हस्त उत्तानासन योग करने की विधि | Hastottanasana Karane Ke Tarike | Steps Of Hastottanasana In Hindi -

किसी योगासन को करने से पहले उसकी सही जानकारी का होना बहुत ही जरूरी है अन्यथा आपको योगासन का उल्टा यानि विपरीत असर पड़ सकता है। तो आइये देखते है हस्त उत्तानासन को कैसे सही तरीके से करे। 

➤सर्व प्रथम किसी खाली स्थान का चयन करे, जहा आपको ताजी हवा मिलती हो। 

➤चटाई पर बिल्कुल सीधा खड़े हो जाए। 

➤मन और शरीर में अंदर से रिलैक्स महसूस करे।

➤अपने दोनों हाथ को सामने की तरफ उठाये दोनों के बीच में सामानांतर दूरी होनी चाहिए। 

➤साँस को अंदर की तरफ लेते हुए, दोनों हाथो को ऊपर की ओर यानि आकाश की तरफ उठाये।

➤अपने कंधे, दोनों हाथो और  पीठ को पीछे की तरफ झुकाये। 

➤आपका चेहरा और आंखे आकाश की तरफ होनी चाहिए। 

➤फिर कुछ देर बाद साँस को छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाये। 

ध्यान देने योग्य बाते -

इसमें आपका की कोहनी बिल्कुल नहीं मुड़नी चाहिए। और आपके हाथ पीछे की तरफ जाते वक्त फैलना नहीं चाहिए। उतनी ही होनी चाहिए, जितना सामने फैलाते वक्त हाथ की दूरी थी। इसके आलावा पीछे की तरफ, उतना ही झुके जितना, आपको झुकने में सहजता हो। 

हस्त उत्तानासन के लाभ | Hastottanasana Ke Fayde | Benefits Of Hastottanasan In Hindi - 

कंधे मजबूत बनाये - हस्त उत्तानासन करने से कंधे मजबूत होते है और बाजुओं में भी तागत आती है। 

छाती को चौङा करे - यह हमारे छाती को भी चौड़ा करने में मदत करता है। 

हड्डी में लचीला पन - इसको करने से रीड़ की हड्डी में लचीला पन आता है। 

फैट कम करे - यह शरीर के अंदर जमे फैट को कम करने में मदत करता है, जिससे वजन को आसानी से कम किया जा सकता है।

पेट के विकार को दूर करे - यह पेट सम्बंधित समस्या जैसे कब्ज, गैस, अपच की समस्या को भी दूर करने में मदत करता है। 

स्फूर्ति का संचार करे - हस्त उत्तानासन करने से शरीर के अंदर स्फूर्ति का संचार होता है। 

आलस्य को दूर करे - सुस्ती और आलस्य को ख़त्म करने में लाभदायक है। 

 अकड़न से निजात - यह कमर दर्द और पीठ में अकड़न की समस्या से भी निजात दिलाता है। 

शरीर में फ्लैक्सिबिलिटी लाये - इस योगासन को करने से शरीर के अंदर फ्लैक्सिबिलिटी आती है। क्योकि पूरे शरीर के अंदर खिचाव पैदा होता है.

संचार प्रणाली को सही करे -  इस अभ्यास को प्रतिदिन करने से शरीर की संचार प्रणाली अच्छे से कार्य करती है। 

हस्त उत्तानासन में ध्यान देने वाली बाते | Hastottanasan Karane Me Savdhaniya | Precaution -

अगर आपके कंधो, पीठ, रीढ़  हड्डी में दर्द या सूजन की समस्या है तो, इस योगासन को नहीं करना चाहिए। या आप किसी अच्छे योगाचार्य से भी सलाह ले सकते है। ताकि योग अभ्यास करने में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।   

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