सुप्त वज्रासन के फायदे और विधि, Step And Benefits Of Supta Vajrasana In Hindi


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सुप्त वज्रासन जोकि शारीरिक दृस्टि से काफी लाभदायक है। यह आसन मेरुदंड की हड्डियों को सीधा रखने के लिए फायदेमंद है। योग के माध्यम से शरीर के अनेक हिस्से को सुरक्षित और सम्बृद्ध रख सकते है। तो आइये जानते है, सुप्त वज्रासन के फायदे। Benefits of supt vajrasana in hindi |  के बारे में, और देखते है कि सुप्त वज्रासन किसे कहते है। 

सुप्त वज्रासन क्या है। What Is Supt Vajrasana In Hindi -

सुप्त वज्रासन में सुप्त का मतलब सोया हुआ, इसका मतलब वज्रासन में सोते हुए मुद्रा में नजर आना ही सुप्त वज्रासन कहलाता है। यह योगासन आपको नियमित रूप से करना चाहिए। ताकि आप खुद को स्वस्थ और संतुलित रख सके। तो आइये जानते है कि सुप्त वज्रासन किसे कहते है। 

सुप्त वज्रासन योग करने के की विधि | Supt Vajrasan Karane Ke Tarike | Step Of  Supta Vajrasan Yoga In Hindi -

➤सबसे पहले किसी स्वच्छ स्थान का चयन करे। जहा खुला और ताजी हवा मिले। 

➤वज्रासन की मुद्रा में हो जाए। 

➤फिर हल्की साँस लेते हुए पीछे की तरफ झुके। 

➤आपके शरीर का पिछला हिस्सा जमीन पर होना चाहिए। 

➤अब अपने दोनों हाथो को सिर के पिछले वाले हिस्से पर रखे। 

➤आपके दोनों पैर कमर के निचे दबा होना चाहिए। 

➤इसी मुद्रा में कुछ देर तक रहे। और हल्की साँस लेते रहे। 

➤कुछ समय बाद पुनः स्थाई-स्थाई प्रारंभिक अवस्था में आ जाये। 

➤यह योगासन क्रिया अपने स्वेच्छा अनुसार करे, जब तक आप कर सकते है। 

➤योगासन करने में दिक्कत महसूस हो तो, जबरजस्ती बिल्कुल करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। 

सुप्त वज्रासन के फायदे | Supt Vajrasana Yoga Ke Fayde | Benefits Of Supt Vajrasana Yoga In Hindi-

सुप्त वज्रासन के बहुत सारे लाभ है जो इस प्रकार से है, जो हमें स्वस्थ रखते है। 

◾यह हमारे जांघो के लिए फायदेमंद है। क्योकि इसमें हमारे जांघो पर बल पड़ता है। 

◾यह योगासन पेट सम्बंधित समस्याओं के लिए लाभकारी है। 

◾गैस, अपच, कब्ज, की समस्या सुप्त वज्रासन बहुत ही कारगर है। 

◾अगर आपका रीड़ की हड्डी टेड़ी हो तो यह आसन बहुत ही कारगर है। 

◾यह पेट को स्लीम बनाता है और जमी हुयी चर्बी को कम कर देता है। 

◾यह पीठ के अकड़न को भी कम कर देता है। 

◾यह योगासन पूरे शरीर को लचीला बनाता है। 

सुप्त वज्रासन में सावधानिया | Supt Vajrasana Me Savdhaniya -

अगर आपको पीठ दर्द की समस्या हो तो इसे न करे। 

घुटने में सूजन दर्द की सिकायत हो तो इसे न करे। 

कमर दर्द की सिकायत हो तो इसे न करे। 

पेट में कोई समस्या हो तो नहीं करना चाहिए। 

इस योगासन को करते समय किसी प्रकार की अहसजता महसूस हो तो, इसे बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 

योगासन में पीछे जाते वक्त सवधजनिया बरतनी चाहिए। 

आप किसी अच्छे प्रशिक्षित योगाचार्य के देख रेख या सलाह में कर सकते है। अगर अभ्यासरत है तो स्वयं से भी कर सकते है। 


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