ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, A P J Abdul Kalam Biography In Hindi

 A P J Abdul Kalam Biography In Hindi
ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, A P J Abdul Kalam Biography In Hindi

A P J Abdul Kalam Biography, अब्दुल कलाम भारत के राष्ट्रपति थे वह भारत के महान वैज्ञानिक भी थे। उनको मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता था।  वे भारत के 11 वे राष्ट्रपति थे, जो बहुत ही सौम्य स्वभाव के थे। उन्होंने ने भारत को नई उचाईयो पर पहुंचाया। उन्होंने एक महान वैज्ञानिक के तौर पर भारत को बहुत कुछ दिया। वह 1972 में भारतीय अनुसंधान संगठन ( इसरो ) से जुड़े , उनके कार्य काल में ही भारत को पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपात्र बनाने का गौरव हासिल हुआ। वह 1992 में भारतीय रक्षा मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किये गए। अब्दुल कलाम ने पोखरण 1998 में दूसरा परमाणु परिक्षण को भी अंजाम दिया जो भारत के लिए गौरव की बात थी। इसके बाद भारत दुनिया के उन देशो में शामिल हो गया जो परमाणु संपन्न थे।
वह 18 जुलाई 2002 को वे भारत के राष्ट्रपति भी चुने गए। भारतीय जनता पार्टी (एनडीए ) के द्वारा राष्ट्रपति के लिए उमीदवार घोषित किया गया। उस समय अटल बिहारी वायपेयी की सरकार थी। जिसका कांग्रेस, वामपंथ दलों और इसके साथ सभी दलों ने समर्थन किया और अब्दुल कलाम भारत के राष्ट्रपति चुने गए।


प्रारंभिक जीवन परिचय -
 A P J Abdul Kalam Biography In Hindi

अब्दुल कलम का जन्म 15 अक्टूबर  1935 को धनुषकोडी रामेश्वरम के एक मध्यवर्गी मुस्लिम परिवार में तमिलनाडु में हुआ था। इनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था जो ज्यादा पड़े लिखे नहीं थे। अब्दुल कलाम 5 भाई और बहन थे।
उनका बचपन बहुत ही कठिनाईयो में बीता वह छोटे उम्र से ही पिता के साथ जिम्मेदारियों को निभाने लगे थे ।
उनके पिता नाविक थे जिससे उनके घर का खर्च चलता था।
वह शुरू से ही प्रतिभा के धनी थे वह कोई भी कार्य लगन के साथ करते थे और उसको पूरा करके ही मानते थे । 
उनकी पांचवी तक की शिक्षा प्राथमिक विद्यालय रामेश्वरम में ही हुआ उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के लिए न्यूज़ पेपर बेचने का कार्य भी करते थे ,
उन्होंने ने अपनी मैट्रिक की शिक्षा रामनाथ पुरम के Schwartz हायर सेकेण्डरी स्कूल से प्राप्त की इसके बाद  
1954 में वे सेंट जोसेफ College तिरुचिरापल्ली में Science में स्नातक की उपाधि प्राप्त किया। मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई पूरी की स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय रक्षा अनुसंधान विकास संस्थान में प्रवेश किया।

महान वैज्ञानिक के रूप में कैरियर -

ए. पी. जे.अब्दुल कलाम ने अपने जीवन मे कई महान कार्य किया जिसको देश कभी भूल नही सकता है।   मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई पूरी करने के बाद रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी आर डी ओ) में शामिल हो गए, इसके बाद उन्होंने सबसे पहले एक होवर क्राफ्ट को तैयार किया।   .
अब्दुल कलाम ने 1963 से 1964 तक NASA  Langley  Research Center Hampton वर्जिनिया का दौरा किया।
इसके बाद अब्दुल कलाम ने पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल प्रोजेक्ट को तैयार करके विकसित किया जो काफी सफल रहा।
राजा रमन्ना  ने प्रतिनिधि के रूप में पहले परमाणु परिक्षण के लिये कलाम को आमंत्रित किया जो उनके लिए महत्व पूर्ण था।
1970 में दो अलग-अलग प्रोजेक्ट पर भी उन्होंने काम किया। जिसमे सफल एसएलवी की तकनीक से वैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने के लिए कहा, उनके कार्य क्षमता को देखते हुए उस समय की प्रधान मंत्री श्रीमति इंदिरा गाँधी ने कई गुप्त परियोजनाओं को संचालित करने के लिए धन मुहैया करवाया। जो अपने आपमें उनके कार्य क्षमता को दर्शाता है

उनके द्वारा किये महत्व पूर्ण कार्यो और शोध कार्यो की वजह से उनकी लोक प्रियता भी बढ़ती जा रही थी और जगह उनके द्वारा किये गए विकास कार्यो की चर्चा होने लगी।

इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेन्ट प्रोग्राम (IGMDP) के मुख्य कार्यकारि के रूप में कलाम को नियुक्त किया गया जिनके कार्यकाल में कई मिसाइलो को विकसित किया गया जिसमे इंटरमीडिएट रैंज बैलिस्टिक मिसाईल और पृथ्वी ,सतह से सतह पर मार करने वाली निसाइलो को तैयार किया गया।

महान वैज्ञानिक अब्दुल कलाम ने जुलाई 1992 से दिसंबर 1999 तक प्रधान मंत्री और रक्षा अनुंसंधान विकास संगठन में सचिव के रूप में भी कार्य किया। इसी दौरान उन्होंने पोखरन -2 परमाणु परिक्षण भी सफलता पूर्वक अंजाम दिया।
अब्दुल कलाम को एक वैज्ञानिक के रूप में हमेशा भारतीय याद करते रहेंगे। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। 

राष्ट्रपति के तौर अब्दुल कलाम -

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 2002 में उनके किये गए रक्षा सम्बन्धी कार्यो के लिए राष्ट्र पति का प्रत्यासी घोसित किया। जिसमे अब्दुल कलाम को सभी सहयोगी और विरोधी पार्टियों के भी सहयोग से राष्ट्रपति चुनाव जीत कर भारत के 11 वे राष्ट्रपति बने।  25 जुलाई 2002 को राष्ट्रपति की सपथ ली।

 उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पद का भी बखूबी निर्वाह किया उनको हर पार्टी के लोग पसंद करते थे। उन्होंने अपने कार्य काल को कर्तब्य निष्ठां के साथ पूरा किया।

 अपने कार्य काल में एक लोक प्रिय और सभी से प्यार करने वाले राष्ट्र पति के रूप में उनकी पहचान बन गयी।


 राष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा करने के बाद -

राष्ट्रपति का कार्य काल पूरा होने के बाद वह भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोंग, भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर ,भारतीय प्रबंधन संस्थान अमहदाबाद में विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर काम किया।
इसके आलावा उन्होंने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी और अन्ना यूनिवर्सिटी, अंतराष्ट्रीय सूचना प्राद्यौगिकी संस्थान हैदराबाद में भी शिक्षा देने का कार्य किया। भ्रष्टाचार को हटाने के लिए 'मै आंदोलन को क्या दे सकता हूँ ' कार्यक्रम का शुरुआत किया।
  
अब्दुल कलाम ने अपने द्वारा किये गए कार्यो की वजह से युवाओं में भी काफी लोकप्रियता थी वह हमेसा युवाओं को प्रोत्साहन देने का कार्य भी करते थे।
उन्होंने कई सामाजिक कार्यो में भी अपना योगदान किया जो सामान्य मानवीय के लिए जरूरी था।

अब्दुल कलाम के द्वारा रचना की हुई पुस्तकें -

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  • इसके आलावा उन्होंने ने कई पुस्तकों का लेखन भी किया
  •  इंडिया 2020 
  • विंग्स ऑफ़ फायर
  •  मिशन इंडिया
  • यू आर बॉर्न टू ब्लॉसम
  • टर्निंग पॉइंट
  • माई जर्नी,
  • फोर्ग फ्यूचर
  •  टारगेट थ्री बिलियन
  • एडवांटेज इंडिया
  •  ए मैनिफेस्टो फार चेंज
  •  ईनविजनिंग ऐन इम्पॉवर्ड नेशन  प्रमुख रूप से है।
उनको मिले हुए पुरस्कार और सम्मान -


  1. अब्दुल कलाम को 1981 में पद्म भूसण सेभारत सरकार द्वारा नवाजा गया। 
  2. 1990 में पद्म विभूषण से भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। 
  3. 1994 में विशिष्ट फेलो से इंस्टिट्यूट ऑफ़ डायरेक्टर्स से सम्मानित। 
  4. 1997 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया जो भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।
  5. 1997 में ही इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार जोकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा दिया गया। 
  6. 1998 में वीर सावरकर पुरस्कार से भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।
  7. उन्हें 2000 में रामानुजन पुरस्कार से अल्वार्स शोध संस्थान चेन्नई से सम्मानित किया गया। 
  8. 2007 में डाक्टर ऑफ़ साइंस वूल्वर हैप्टन विश्वविद्याल यूनाइटेड किंगडम और इसी वर्ष किंग चार्ल्स मैडल भी रॉयल सोसायटी यूनाइटेड किंगडम  के द्वारा दिया गया।
  9.  उन्हें 2008 में डाक्टर ऑफ़ साइंस मानक उपाधि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के द्वारा प्रदान किया गया। 
  10.  उसी वर्ष डाक्टर ऑफ़ इन्जीनीरिंग का सम्मान भी  नानयांग टेक्नोलॉजिकल विश्व विद्यालय सिंगापूर से दिया गया। 
  11. 2009 में वार्न कार्मन विंग अंतरास्ट्रीय अवार्ड ,कैलिफ़ोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के द्वारा दिया गया।  
  12. इसी वर्ष 2009 में ही हुवर मैडल ,ए एस एम ई फाउंडेशन के द्वारा सम्मानित किया गया।
  13. 2009 में ही मानद डाक्टरेट उपाधि ऑकलैंड विश्वविद्याल ने दिया।      
  14.  2010 में डाक्टर ऑफ़ इन्जीनीयरिंग का सम्मान वाटरलू विश्व विद्यालय से मिला। 
  15. 2011 में आई ई ई ई की सदस्यता आई ई ई ई से दिया गया।   
  16. 2012 में डाक्टर ऑफ़ लॉज मानद उपाधि से साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया। 
  17. 2014 में डाक्टर ऑफ़ साइंस ,एडिनबर्ग विश्वविद्यालय इंगलैंड के द्वारा सम्मानित किया गया। 

अंतिम श्वास -

भारत के महान वैज्ञानिक ए०पी०जे० अब्दुल कलाम ने अपनी आखरी साँस 27 जुलाई 2015 को
शाम 7.45 उनका निधन हुआ। जो बहुत बड़ी क्षति थी जिसको कभी पूरा नहीं किया सकता वह हमेसा कार्यो और योगदान के लिए याद किये जायेंगे।  

 नोट-  ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, A P J Abdul Kalam Biography In Hindi,  आपको कैसा लगा कमेंट करके बताइये और शेयर करिये   धन्यवाद  



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