Motivational Story In Hindi to happiness ,खुश रहने की कहानी

Motivational Story In Hindi to happiness ,खुश रहने की कहानी


अगर आप जीवन में खुश रहना चाहते हैं तभी आप जीवन में खुश रह सकते हैं अगर नहीं खुश रहना चाहते तो आप जीवन में कभी खुश नहीं रह सकते यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप जीवन में खुश रहना चाहते हैं या नहीं यही सत्य है चाहे आप कितना भी प्रयास कर ले अगर खुद से खुश नहीं रहना चाहते तो नहीं रह सकते। अगर हमेशा खुश रहना चाहते हैं तो आपको कोई दुखी नहीं कर सकता।

खुश रहने की कहानी, Happiness Motivational Story In Hindi-
Motivational Story In Hindi to happiness ,खुश रहने की कहानी,motivational thought

 आज मैं आपको एक ऐसी कहानी बता रहा बताने जा रहा हूं जो आपके जीवन को समझने के लिए काफी है जो हमें हमेशा खुश रहने की सलाह देती  है

 एक दिन की बात है एक व्यक्ति जंगल में घूमने के लिए गया था जब वह जंगल में पहुंचा तो उसने देखा कि एक सन्यासी उसी जंगल में कुटिया बनाकर रह रहे थे वह बिल्कुल अकेले ही वहां पर रहते थे उस व्यक्ति ने कुछ देर बाद सन्यासी की तरफ देखा फिर उसके बाद सन्यासी के पास वह पहुंच गया। जंगल बिल्कुल सुनसान था वहां पर कोई नहीं था उस आदमी ने सन्यासी से कहा कि ऐसी सुनसान जगह पर आप यहां पर कैसे रहते हैं यहां तो कोई नहीं है यह जंगल भी बहुत ही ज्यादा सुनसान है यहां पर आपको अच्छा भी लगता है। सन्यासी ने कहा तुम बताओ क्या पूछना चाहते हो और तुम्हारा काम क्या है उस व्यक्ति ने कहा मैं इसी तरह इस जंगल में घूमने आया हूं मैं आपसे कुछ जानना चाहता हूं मेरा सवाल है कि जीवन में कैसे सुखी रहा जा सकता है तो उस सन्यासी ने कहा चलो मेरे साथ मैं बताता हूं कि तुम कैसे खुश रह सकते हो वह ऋषि और सन्यासी दोनों साथ चल दिए रास्ते बिल्कुल उबर खाबर थे दोनों चलते गए चलते चलते काफी दूर चले गए तब व्यक्ति ने कहा कि हे प्रभु मैं तो बिल्कुल थक गया मुझसे से चला नहीं जा रहा है फिर सन्यासी ने कहा बस थोड़ी दूर और है प्रयास करो पहुंच जाएंगे फिर भी चलता रहा फिर वह पूरी तरह थक गया और उसके बाद फिर सन्यासी से कहा की है ऋषि महाराज मैं बिल्कुल थक गया हूं अब मैं नहीं चल सकता तब ऋषि ने कहा ठीक है नहीं चल सकते तो बैठो फिर उस व्यक्ति ने कहा लेकिन आपने मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं दिया कि जीवन में कैसे खुश रहा जा सकता है।  


सन्यासी ने कहा -

'' जैसे आप चलते चलते थक गए और आप से चला नहीं जा रहा उसी तरह जिंदगी को दुखी होकर सोचते रहेंगे और अपने जीवन को दुःखी समझ कर चलेंगे और अपने ऊपर खुद का दुख का पहाड़ मान कर चलेंगे तब आप खुश नहीं रह सकते यह आपके ऊपर निर्भर करता हैआप खुश रहें या नहीं यह उसी प्रकार है जैसे आप चलते चलते थक गए उसी तरह आप जिंदगी का बोझ समझते रहेंगे और उस  बोझ को अपने ऊपर ढोते रहेंगे तब तक आप कभी खुश नहीं रह सकते यही आपके प्रश्न का उत्तर है।'' 

नोट - Motivational Story In Hindi to happiness ,खुश रहने की कहानी आप लोगो को कैसी लगी कमेंट करके बताईये 



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