motivational hindi
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किसी का अपमान सहना बंद कीजिये। यह हमारे जीवन के लिए सही नहीं है ,हम क्यों किसी का अपमान सहे ?अरे भाई भगवान ने हमें वही सबकुछ दिया है जो उसको दिया है। ईश्वर ने उसको भी हाथ पैर दिया है और हमें भी दिया है फिर क्यों हम किसी का अपमान सहे। एक बात तो तय है। कि अगर तुम किसी का बार-बार अपमान सहते हो तो खुद की भी जमीर मर जाती है ,अगर ऐसा है तो क्या हमें अपमान सहना चाहिए।बिलकुल नहीं हम वैसा अपमान क्यों सहे जिसमे खुद का आत्मा भी गवाही न देता हो।और खुद की नजरो में गिरा हुआ महसूस करते है ऐसा अपमान सहन सही नहीं है जो हमारे आत्मा को ही धिक्कारती हो। 
यह हमारा शरीर है ,हमारी आत्मा है इसका कोई अपमान नहीं कर सकता, नहीं किसी को  करने देना, हम अपना जीवन अपने मूल्यों और सिद्धांतो पर जियेंगे।निश्चितरूप से यह बात भी सत्य है की हम किसी को गलत या निचा नहीं दिखाएंगे न ही अपमानित करेंगे। हम उस हर इंसान से प्यार करेंगे जो समाज में सौहार्द और प्रेम करता हो यही हमारा दायित्व है इसको निभाना भी चाहिए।
लेकिन अगर कोई सोचता है कि वह हमारा अपमान करे और मै उसको इज्जत देता रहूँगा या उसके अपमान को सहता रहूँगा तो ऐसा नहीं होगा। मै किसी के अपमान को नहीं सह सकता मै उसके हर बात का जवाब दूंगा वो भी शालीनतापूर्वक दूंगा मै उस हर प्रश्न का उत्तर दूंगा जो मुझे सही लगेगा ऐसा होना भी चाहिए हमने किसी की फालतू और अनाब सनाब बातो को सुनना बंद कर देना चाहिए और हमेशा सही बातो को ही सुनना चाहिये। 
उसने हमारे जीवन का ठेका थोड़ी न लिया है कि मै उसके फालतू बातो सुनता रहूँ। 
हमें ईश्वर ने आत्मा दिया है जिसका हमें सम्मान करना चाहिए। हम अपने खुद के आत्मा का सम्मान नहीं करेंगे तो हमारा सम्मान कौन करेगा। 
निश्चित रूप से हम अपना स्वयं का सम्मान नहीं कर सकते तो दूसरा कैसे करेगा। वो सही है या गलत, अपने  लिए होगा हमारे लिए नहीं। 
वह हमारे लिए तभी सही होगा जब वह हमारी बातों को और हमें सम्मान देगा।
 अगर हम खुद का सम्मान नहीं कर पाते और अपने आप को असम्मानित महसूस करते है जिसके वजह से हमारे मस्तिष्क पे बुरा असर पड़ता है और धीरे-धीरे हमारे सोचने और समझने की शक्तियाँ कम होने लगती है, और खुद को हीन भावना से देखने लगते हैं।अपने आप की नजरो में ही खुद को कम समझने लगते है और धीरे धीरे आत्मविश्वास में भी कमी आने लगती है,और खुद की भी आत्मा खुद की नजरो मे अपने आप को कम समझने लगती है जिस चीज की वजह से हमें इतनी समस्याए हो सकती है , उस अपमान को हम क्यों सहे। हमें किसी के बातों को सहन नहीं करना है हमें आत्मविश्वाश से जीवन को जीना है और यह हमारा जीवन किसी की फालतू बातों को सुनने के लिए नहीं है हमें अपना जीवन अपने तरीके से जीना चाहिये और खुश होकर जीना चाहिए और हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए।
अपमान इंसान को कमजोर बना देता है और अंदर से तोड़ देता है ऐसा अपमान सहने से क्या फायदा जो हमें ही नुकसान पहुँचता हो जो हमारे आत्मविश्वास को मानसिक रूप से कमजोर बनाता हो ऐसा अपमान हमें नहीं सहना चाहिए। हमें उस हर गलत बात का उत्तर देना चाहिए जो हमें अपमानित महसूस कराती हो। हमें उसका विरोध  करना चाहिए।
हम उस ईश्वर की संतान है जो सबको एक नजर से देखता है जिसके नजर में कोई छोटा या बड़ा नहीं है। उसी तरह हम सब को भी किसी का अनादर या अपमान नहीं करना  चाहिए।
किसी का अपमान करने से कोई बड़ा नहीं हो सकता वह अपने कर्मो से बड़ा या छोटा होता है। अपमान करने वाले से अपमान सहने वाला ज्यादा गुनहगार है।
हमें अपने मन में यह बैठा लेना चाहिए कि कुछ भी हो जाय किसी का अपमान नहीं सहेंगे उसके हर गलत बात का उत्तर देंगे।
इसके साथ यह भी सोचना होगा की हम अपने  भावना का खुद सम्मान करेंगे ।अगर हम ऐसा करते है तो हमें हर जगह सम्मान मिलेगा।जो हमारे आत्मविश्वास के लिए बहुत ही जरूरी है।यही हमारा आत्मविश्वास जिंदगी के रास्ते को सरल बनाता है।
जिसके वजह से हम जीवन में कामयाब हो पाते है। और खुद  मजबूत बनाते है। इसलिए हम कभी स्वयं का अपमान नहीं सहेंगे।   


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