आपको अपने मन पर कंट्रोल करना चाहिए
mind

आपको अपने मन पर कंट्रोल करना चाहिए । न कि मन आप को कंट्रोल करे ।

अगर मन आपको कंट्रोल कर लिया तो समझ लीजिए यह आपकी सबसे बड़ी कमजोरी है।  यदि आप अपने मन को कंट्रोल कर लिए तो यह आपकी सबसे बड़ी जीत है।  खुद का कंट्रोल मन के बस में है तो मन जो कहेगा वही आप करेंगे। मन हमारा इतना चंचल है, वह हमारे साथ रहने के लिए तैयार नहीं रहता।  उसको जो चीज अच्छी लगी उसी के साथ हो लिया। चाहे वह हमारे लिए सही हो या गलत ,उसको इससे कोई फर्क नहीं पड़ता ।

अगर मन पर आपका कंट्रोल होगा तो, जो आप चाहेंगे वही होगा ।
अगर आपका मन गलत रास्ते पर जा रहा है तो जाहिर सी बात है आप गलत ही करेंगे। लेकिन मन आपके कंट्रोल में है ।तो आप गलत को न चुनकर सही रास्ते को ही चुनेंगे ।

इसलिए मन आपके कंट्रोल में हो तो आपके लिए और आपके जीवन के लिए सही है। मन आपके कंट्रोल में न हो तो यह आपके लिए सही नहीं है ।

हमारा मन बहुत ही चंचल है। किसी भी चीज को देखने के बाद हमारा मन कंट्रोल से बाहर निकलने की कोशिश करने लगता है और बहकने लगता है ।

मन आपके कंट्रोल में होगा तो चाहते हुए भी बहकने की कोशिश नहीं कर पाएगा।

क्योंकि वह आपके कंट्रोल में होगा तो आप उसको जैसे चाहेंगे वैसे ही चलेगा,और 
आप वैसे ही चलना चाहेंगे जो आपके लिए बिल्कुल सही हो। 



मन का नियंत्रण हमारे लिए बहुत ही जरूरी है क्योंकि आज का यह नियंत्रण हमारे आने वाले समय को स्वतंत्र बनाता है ।

आज का यह स्वतंत्र मन ।आने वाले हमारे जीवन को नियंत्रित कर देंगा।जीवन को हमेसा सही रास्ते पर चल कर ही जीना चाहिए और इसके लिए मन पर नियंत्रण बहुत ही जरूरी है। मन को नियंत्रित करके सही रस्ते पर चल सकते है और जीवन में सफल हो सकते है।

हमारे जीवन में कई तरह कि परिस्थितियाँ आती है। वह परिस्थिति अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी हो सकती है, उसी तरह जीवन में हमारे सामने कई तरह के विकल्प आते है। वह सही भी हो सकता है और गलत भी हो सकता है। लेकिन हमें सही विकल्प ही चुनना चाहिए।  यह तभी संभव हो सकता है जब हम खुद से चाहे गे।

मन को कंट्रोल करने के लिए अपने आप को एकाग्रचित रहना  बहुत ही जरूरी है जिसके द्वारा आप अपने आपको कंट्रोल रख सकते है।

मन को कंट्रोल करने के लिए हमेशा खुश रहे और अपने आपसे बात करे कि खुद के लिए क्या सही है और क्या गलत है।

अगर आप अपने मन पर कंट्रोल करना चाहते है तो सर्व प्रथम खुद को यह सोचना होगा कि मै कुछ भी कर सकता हूँ । जिस दिन यह बात आपको समझ में आ गयी तो समझ लीजिये,  वाकई में आप कुछ भी कर सकते है। मन बहुत ही चंचल होता है वह अक्सर खुद की भी नहीं सुनता इसलिए उसको एकाग्रचित होकर कंट्रोल करना पड़ता है। अगर आपका मन कंट्रोल नहीं होता तो सबसे पहले सुबह उठने की आदत डाल ले और प्रतिदिन सुबह जल्दी उठे और योग प्राणायाम करे ,मन को प्रतिदिन एकाग्रचित करने की कोशिश करे। यह अभ्यास आप प्रतिदिन कर सकते है। कुछ दिन बाद आप देखेंगे कि आप खुद पर कंट्रोल कर पा रहे है।
अपने आपसे खुद को कंट्रोल करने की कोशिश भी करते रहे। आप देंखेगे कि कुछ दिन के बाद आपको  आदत  हो जाएगी और यही आदत आपके जीवन को खुशहाल बनाना चालू कर देगी।
आप कोई भी कार्य को करने से पहले ही गलत और सही  पहचान करने लेंगे।  यह जीवन के हर मोड़ पर आपको काम आएगी और आपको आगे  लेकर जाएगी ।
जब भी कोई इंसान गलत कार्य करता है तो कही न कही उसका सीधा जिम्मेदार उसका मन होता है जो उसको कोई गलत करने की ओर लेकर जाता है। इसलिए जब मन पर आपको खुद का कंट्रोल होगा तो गलत सही का पता लगाकर ही किसी रास्ते पर चलेंगे।

आपने अक्सर यह देखा होगा कि कई लोग कोई गलत कार्य  नहीं करते ऐसा क्यों होता है।  जहा तक मेरा मानना है ऐसे लोग अपने मन पर हमेशा कंट्रोल कर के रखते है। क्योकि वह इस चीज को अच्छी तरह समझते है कि उनके लिए क्या सही है और क्या गलत है। तभी वह कोई निर्णय करते है। इसका मतलब वह भी अपने मन पर कंट्रोल करते है।



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