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success mantra

सफल और असफल व्यक्ति में क्या अंतर है  मै  आज
आपको बताऊंगा । जहाँ तक बात सफल और असफल व्यक्ति की है ,उसमे ज्यादा अंतर नहीं है ,और सोचिये  तो बहुत बड़ा अंतर लगता है।कोई सोचता है वह आदमी बहुत ही सफल आदमी है उसके जैसा क्या बन पाउँगा। फिर लगता है यार उतना परिश्रम मै नहीं कर पाउँगा ,उसने तो अपने जीवन में बहुत कुछ पालिया मै नहीं पा सकता। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है ,हमारे उसके में यही फर्क है कि वह सोचा नहीं, करता है।वह कार्य  करने में विश्वास रखता है ,वह उसी तरह हरेक कार्य को करता है जैसे हम करते है। लेकिन हम उस कार्य को आज करते है बाकी कार्य बाद के लिए छोड़ देते है ,सोचते चलो यार यह कार्य तो कल भी हो सकता है ,फिर कुछ दिन बाद  सोचते हैं  जो आने वाला कल है उसमे कर लेंगे।ऐसे ही हमारा समय बीतता जाता हैं और कुछ नहीं कर पाते है।  एक दिन पीछे मुड़ के देखते हैं तो हम काफी पीछे नजर आते हैं यानी असफल  नजर आते है ,
लेकिन सफल आदमी अपना कार्य कल के लिए कभी नहीं छोड़ता ,जो भी उसका कार्य है वह उसको उसी दिन पूरा करता है ,जो कार्य वह प्रतिदिन करता है उसी कार्य को करते -करते उसी कार्य में वह काफी आगे चला जाता है क्योकि उस कार्य को पूरा करता है तो उसका लक्ष्य पूरा होता है लेकिन उस दिन उसको उस लक्ष्य का आभास नहीं होता,लेकिन कुछ दिन बाद,वह छोटे -छोटे लक्ष्य मिलकर एक बड़े लक्ष्य में नजर आने लगता है,वही आदमी बड़ा आदमी बन जाता है या हम बोल सकते हैं कि वह सफल व्यक्ति बन जाता है। और वह अपने जीवन में हमेशा सफल होता है।
 इसका मतलब सफल व्यक्ति और असफल व्यक्ति में ज्यादा अंतर नहीं है सफल व्यक्ति हमेशा  कार्य को पूरा करने के बारे में सोचता है और असफल व्यक्ति हमेशा कोई न कोई बहाना ढूढ़ता है और अपने कार्य से भागता है या अपने कार्य से पीछा छुड़ाता है इसलिए वह अपने जीवन में हमेशा असफल रहता है
इसलिए उस कार्य को उसी दिन पूरा करना चाहिए। बाद के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। अगर वह कार्य उस दिन  पूरा हो गया तो  आने वाले समय का सफलता बड़ा हो जायेगा।