Nakaratmak Man Se Sakaratmak Man Ki Taraf [From negative mind to positive mind]

कभी कभार मनुष्य को लगता है कि वह कुछ नहीं कर पायेगा ऐसी परिस्थितिया आती है, जिससे लगता है कि वह सब कुछ खो चुका है अब उसका कुछ नहीं हो सकता, वह अकेलापन महसूस करने लगता है। उसको अपने जीवन का अर्थ नहीं समझ में आता है, वह किधर जाय, क्या करे जिससे उसको सुकून मिले।  जब वह किसी कार्य को करने की कोशिश करता है, तो उसको लगता है कि मै कर लूंगा या यह कार्य मेरे लिए कुछ नहीं है लेकिन जब वह उस कार्य को करने लगता है तो महसूस होता है कि वह कार्य हो जायेगा, वह उसको करता रहता है मंजिल की तरफ पहुंच जाता है वह कार्य अब होने वाला होता है, तभी ऐसी अड़चन आती है जिससे सारा कार्य विफल हो जाता है, तब ऐसा लगता है कि मेरा जीवन ही बेकार है।

फिर अगली बार वह किसी अन्य कार्य को करने की कोशिश करता है तब उसको लगता है चलो वह कार्य नहीं हुआ लेकिन यह कार्य जरूर हो जायेगा, यह सोचकर उसके मन में थोड़ी खुशी होती है। लेकिन अंत में इस कार्य में भी असफलता हाथ लगती है, इसी तरह अनेको बार किसी कार्य को करता है और बार-बार असफलता हाथ लगती है। तब वह व्यक्ति सोचता है हमारे जीवन का अर्थ ही नहीं है, वह पूरी तरह नकारात्मक हो जाता है वह प्रत्येक कार्य और किसी भी चीज को नकारात्मक नजर से देखने लगता है और उसका जीवन ही नकारात्मक हो जाता है। जब आपको कुछ समझ में न आए तो ईश्वर की सरण में जाना चाहिए, जहाँ आपको शांति मिलेगी और उस नकारात्मक मन को ईश्वर की सरण में कर दिजिए और ईश्वर से मन ही मन प्रतिदिन निवेदन करिए हे! ईश्वर आप मेरी मदद करिए आपके शिवाय मेरा कोई सहायता नहीं कर सकता और फिर उस कार्य को शुरु करिए और विश्वास  करिए ऐसा दिन आएगा कि जिस कार्य में आप असफल हो रहे थे उससे कहीं ज्यादा आप बड़ा कार्य कर पाएंगे जिसको आप सोच नहीं पा रहे होंगे, जिसको आप सोच नहीं सकते थे, इतना बड़ा कार्य पुरा कर चुके होंगे। 

जीवन में नकारत्मकता सब कुछ तबाह कर देती है जो हम करना चाहते है वह हमारे असफलता का सबसे बड़ा कारन है इसलिए मन से निगेटिव सोचना बंद कर दीजिये यह जीवन की सबसे बड़ी दुश्मन होती है जो घोर निराशा के बीच लेकर जाती है सब कुछ बेकार लगता हैं। 
एक बात ध्यान सोचिये और दिल से महसूस करिये फिर देखेंगे कि यह मन का बहम होता है, जो हमें घने अंधकार के बीच में लेकर जाता है, यह नकारत्मकता कुछ नहीं होता है यह सिर्फ मन का वहम होता है जो हम किसी चीज को गलत तरीके से सोचने लगते है। 
यह बात भी आप ट्राई करे कि जिस समय आप गलत तरह की बात सोच रहे है और मन नकारत्मक है लेकिन उसी क्षण आप अच्छी बाते सोचना चालू कर दीजिये आप देखेंगे कि आप ऊर्जा और खूबसूरत एहसास से भर जाता है सब कुछ अच्छा दिखने लगता है चारो तरफ आपके इर्द गिर्द पॉजिटिव एनर्जी होती है इसका मतलब है कि यह सब कुछ दिमाग का फितूर होता है इसके आलावा कुछ नहीं। 
वैसे भी यह एक प्रक्रिया है जो सबके साथ होता है सबके मन में कुछ नकारात्मक बाते आती रहती है इससे घबड़ाने की जरूरत नहीं है बस उसी समय अपने जीवन की अच्छी बाते जो आपको ख़ुशी  है उसी का विचार करिये यकीन मानिये आप देखेंगे आपको तुरंत पॉज़ीटिव एनर्जी मिलेगी जो आपको खुशियों से भर देंगी। 
आप अक्सर देखे होंगे जब भी कुछ बुरा सोचते है या जीवन में कुछ बूरा हुआ रहता है उसके बारे में सोचते तभी नकारत्मक बाते मन में चलती है इसका मतलब कि नकारात्मकता कुछ नहीं होता है यह सिर्फ आपके सोच का तरीका है आप उस बातो को क्यों सोचते है जो आपको दिक्कत कर सकती है वैसी बातो को दिमाग से निकल देना ही सही है। 

यह काम आप कर सकते है जो दिल को सुकून देगा और तारो ताजा रखेगा जैसे कि आपने पसंद का फिल्म देखना, जो आप को अच्छा लगे इसके आलावा कुछ शारीरिक गेम खेल सकते है, म्यूजिक सुन सकते है वो सब कुछ करिये जिसके करने के बाद आपको अच्छा लगे अगर ऐसा आप प्रतिदिन करते है तो कुछ दिन बाद पाएंगे कि अच्छा महसूस कर रहे है और मूड भी पॉज़िटिव या सकारात्मक रहेगा जो आपके जीवन के लिए बहुत ही जरूरी है। 
खुद को तरोताजा और सकारात्मक महसूस करने के लिए प्राणायाम कर सकते है सुबह के समय ताज़ी हवा में प्राणायाम करे जिससे आप खुद को तरो ताजा महसूस करेंगे, इससे आपके अंदर पॉज़ीटिव एनर्जी का संचार होता है जो मन और तन दोनों के लिए फायदेमंद है। 
एक बात तो सत्य है कि जिन लोगो ने जीवन में सही मुकाम पाया है वह लोग अपने जीवन में हमेशा सकारात्मक रहे तभी उचाईयो को पाया। 
कोई कार्य करिये तो इस बात का ध्यान रखे कि आप सकारात्मक है उसको जरूरी कर लेंगे अन्यथा आप उसको नहीं कर पाएंगे। यह बात दिमाग में रख लीजिये कि आपको हमेशा सकारात्मक रहना है, निगेटिव थॉट या सोच को बिल्कूल दूर रखे  हमारे लिए दुश्मन, हमें तबाह करना चाहती है आज से ही आप संकल्प कर लीजिये कि हमेशा पॉज़ीटिव रहेंगे और पॉजिटिव या सकारात्मक सोचेंगे और यही सभी के अच्छे लाइफ या जीवन के लिए जरूरी है। 
अगर हमें ख़ुशी मिलती है सकारात्मक सोचने के बाद, हमें आगे बढ़ने के लिए दवा की तरह कार्य करती है, जो हमें खुशिया देती है, जो कुछ पाना चाहते है उसको साकार करने के लिए हौसला देती है, जो दिल को अच्छा लगता है, जो खुद के चारो तरफ पॉजिटिव एनर्जी या सकारात्मकता देती है तो क्या उसके लिए हम सकारात्मक नहीं सोच सकते है जो हमारे लिए इतना महत्व पूर्ण है तो निश्चित रूप से सभी को पॉज़िटिव सोचना चाहिए ।
पॉज़ीटिव सोच रखने वाले के साथ ज्यादातर अच्छा ही होता है क्योकि वह अच्छा सोचता है उसके सोच में आत्म विश्वास होता है, उसके आस पास हमेशा पॉजिटिव ऊर्जा है जो उसके मंजिल को साकार करता और उसको जीवन के हर क्षेत्र सफल बनाता है यह सब तभी संभव हो पाता है जब कोई खुद को सकारात्मक रखता है.
मै तो आपसे यही कहूंगा कि आप खुद को सकारात्मक रखे और मन में अच्छे विचारो को जगह दे ताकि आपका भविष्य और जीवन सुखी हो। 

अच्छे सकारात्मक विचार आपके जीवन को बदल सकते है इसलिए बुरी, कड़वी, दिल को तकलीफ देने वाली बातो को हमेशा के लिए दिल से बहार निकाल कर फेक दे । और अच्छी, खूबसूरत अहसास, जिंदगी के अच्छे पल, दिल को खुश रखने वाली बाते इनको याद करके जीवन को हमेशा खुशियों से भरे है ताकी वह सब कुछ हासिल हो जो आप चाहते है।