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कभी किसी को छोटा नहीं समझना



kisi ko kam mat akana, kisi ko chhota samajhane ki koshish mat karna
Photo by Oleg Magni from Pexels

हम किसी को किसी के बारे में गलत कैसे बोल सकते है कि ये आदमी सही नहीं है या इसमें काबिलियत नहीं। ऐसा सोचना या समझना सही नहीं है। कब उस व्यक्ति की किस्मत बदल जाय वो तो उसके काबिलियत पर निर्भर करता है। जो जैसा करता है उसका भाग्य ईश्वर उसी के अनुसार लिखते है। 

इसलिए कभी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए, न ही कम आंकना चाहिए  अगर कोई किसी को कम आंकता है तो वह उसकी सबसे बड़ी नादानी है। 

वैसे भी हम किसी छोटा क्यों समझे, क्योकि उसके पास भी वह सब कुछ मौजूद है जो मेरे पास है ईश्वर ने उसको भी इंसान बनाकर भेजा है और हमें भी, ईश्वर ने उसको भी दो हाथ, दो पैर दिया है और हमें भी दिया है। 

तो हम कौन होते है उसको कम आंकने वाले। ईश्वर ने उसको भी आखिर इंसान बनाकर भेजा है और हमें भी, अगर आप किसी को नीचा दिखने की कोशिश कर रहे है। तो समझ लिजिये कि उस व्यक्ति को ऊँचा उठाना आप ने शुरू  कर दिया है। 

जितना उसको छोटा समझने की कोशिश करेंगे, उतना वह ऊँचा उठने की कोशिश करेगा और एक दिन वह बहुत ऊँचा उठ जाऐगा। इसलिए कभी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए।

अगर छोटा बच्चा है उसको भी आप समझ रहे हैं कि वह उम्र में काफी छोटा है लेकिन समझता सब कुछ है। वह भी एक दिन बड़ा हो जाएंगा. अगर उसको कुछ गलत बोलते है तो वह भी उस गलत बात का उत्तर देना चाहता है। 

लेकिन उसकी मजबूरी है कि वह जबाव दे नहीं पाता, लेकिन बड़ा होने पर वह भी आप का उत्तर दे सकता है। 

इसलिए हमें सबका सम्मान करना चाहिए। चाहे वो हमसे बडा हो या छोटा, किसी को छोटा समझकर या अपने से कम आंककर कुछ भी गलत नहीं बोलना चाहिए। न हीं किसी का उपहास बनाना चाहिए एक दिन ऐसा समय आएंगा कि आप किसी का उपहास बन जायेंगे।

किसी को कम आंकने से पहले अपने बारे में सोचे, कि क्या आपको सफलता पहली बार में मिल गयी थी ? जी नहीं आप भी पहले वैसे ही थे जैसे कि आप दुसरो को कम आंकते है। 

जब आप उस चीज को हासिल कर सकते है तो वह क्यों नहीं कर सकता, हा वह भी कर सकता है।
 
ईश्वर ने उसको भी बनाया जिसको छोटा समझते है और आपको भी बनाया। तो आप अपने आपको ज्ञाता, ज्यादा बुद्धिमान, ज्यादा चालाक, सर्वगुण संपन्न समझने लगते है। 

ऐसे लोग खुद दिमाग से छोटे होते है लेकिन वह दूसरे लोगो को छोटा समझने लगते है । 

सभी का सम्मान -


सभी का सम्मान करना चाहिए, तभी आपको सम्मान मिलेगा अन्यथा जैसा आप बोलते है वैसा ही आपके साथ होगा, इसलिए सभी का सम्मान करे और सभी के साथ मिल जुल कर रहे। 

सभी को अहमियत दे -

सभी को अहमियत दे, ताकि सभी लोग आपको अहमियत दे सके और आपके भावनाओ का भी क़द्र करे। जब आप किसी की भावनाओ का क़द्र करते है तो, आपकी भावनाओ को भी क़द्र मिलेगा। 

 इंसानियत से बड़ा कुछ भी नहीं - 

इंसानियत से बड़ा कुछ भी नहीं है। इंसान को सर्वोपरि समझना चाहिए और इंसानियत को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। 

अमल करे -

ये सब चीजे, सब लोग दुसरो को कहते है लेकिन अपने जीवन में नहीं उतारते, सबके सामने उपदेशक बन जाते है। पहले अपने उतारो फिर ज्यादा बुद्धिमान बनो, अपने जीवन में कुछ उतारते नहीं, चले आते है दुसरो को सलाह देने। 

  
नोट- मेरे प्यारे दोस्तों यह लेख कैसा लगा, इस लेख के माध्यम से लोगो के अंदर एक सकारात्मक विश्वास पैदा हो. यह हमारा प्रयास है। मै आशा करता हूँ कि आपलोगो को पसंद आया होगा। या किसी प्रकार का सुझाव देना चाहे तो कमेंट करके बता सकते है।