कभी किसी को छोटा नहीं समझना
कभी किसी को छोटा नहीं समझना
हम किसी को किसी के बारे में गलत कैसे बोल सकते है कि ये आदमी सही नहीं है या इसमें काबिलियत नहीं। ऐसा सोचना या समझना सही नहीं है। कब उस व्यक्ति की किस्मत बदल जाय वो तो उसके काबिलियत पर निर्भर करता है। जो जैसा करता है उसका भाग्य ईश्वर उसी के अनुसार लिखते है। इसलिए 

कभी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए , न ही कम आंकना चाहिए ,अगर कोई किसी को कम आंकता है तो  वह उसकी सबसे बड़ी नादानी है। वैसे भी हम किसी छोटा क्यों समझे ,क्योकि उसके पास भी वह सब कुछ मौजूद है जो मेरे पास है ईश्वर ने उसको भी इंसान बनाकर भेजा है और हमें भी ,ईश्वर ने उसको भी दो हाथ ,दो पैर दिया है और हमें भी दिया है ,तो हम कौन होते है उसको कम आंकने वाले। ईश्वर ने उसको भी आखिर इंसान बनाकर भेजा है और हमें भी ,अगर आप किसी को नीचा दिखने की कोशिश कर रहे है ,तो समझ लिजिये कि उस व्यक्ति को ऊँचा उठाना आप ने शुरू  कर दिया है जितना उसको छोटा समझने की कोशिश करेंगे,उतना वह ऊँचा उठने की कोशिश करेगा और  एक दिन वह बहुत ऊँचा उठ जाऐगा। इसलिए कभी  किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए।
अगर छोटा बच्चा है उसको भी आप समझ रहे हैं कि वह उम्र में काफी छोटा है लेकिन समझता सब कुछ है। वह भी एक दिन बड़ा हो जाएंगा ,अगर उसको कुछ गलत बोलते है तो वह भी उस गलत बात का उत्तर देना चाहता है। लेकिन उसकी मजबूरी है कि वह जबाव दे नहीं पाता ,लेकिन बड़ा होने पर वह भी आप का उत्तर दे सकता है ,
इसलिए हमें सबका सम्मान करना चाहिए ,चाहे वो हमसे बडा हो या छोटा ,किसी को छोटा समझकर या अपने से कम आंककर कुछ भी गलत नहीं बोलना चाहिए। न हीं किसी का  उपहास बनाना चाहिए ,एक दिन ऐसा समय आएंगा कि  आप किसी का उपहास बन जायेंगे।